मस्त विचार 4478

नहीं मुमकिन छिपा पाना खुदी को आईने में,

_ कभी आँखें, कभी साँसे, हकीकत बोलती हैं !

“हकीकत हमेशा हकीकत ही रहेगी..

_ आपके नापसंद करने से गायब नही होगी.”

मस्त विचार 4476

हर शख्स परिंदों का हमदर्द नहीं होता दोस्तों,

बहुत बेदर्द बैठे हैं दुनिया में जाल बिछाने वाले.

मस्त विचार 4474

मुझे मत सिखाइये कि जिन्दगी कैसे जीते हैं,

आप मुझसे सीखिए कि जिन्दा रहकर हर ग़म को कैसे पीते हैं.

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