मस्त विचार 1647
अच्छे लोग हमेशा दुःख क्यों पाते हैं ?
क्योकि हीरा रगड़े जाने पर ही चमकता है.
सोने को शुद्ध होने के लिए आग में तपना पड़ता है.
अच्छे लोग दुःख नहीं पाते बल्कि परीक्षाओं से गुजरते हैं.
इस अनुभव से जीवन बेहतर होता है, बेकार नहीं.
क्योकि हीरा रगड़े जाने पर ही चमकता है.
सोने को शुद्ध होने के लिए आग में तपना पड़ता है.
अच्छे लोग दुःख नहीं पाते बल्कि परीक्षाओं से गुजरते हैं.
इस अनुभव से जीवन बेहतर होता है, बेकार नहीं.
पूरी ना हुई तो बड़ी लगने लगी..
जो खुद को संभालना तथा अपनी बिगड़ी को बनाना जानता है.
आँसुओ से खुद को सींचता हूँ मैं
तुम खड़े हो साथ, बस इस आस में जी रहा हूँ मैं
दबे पाँव बे गैरत, जिंदगी झुका रही
आहिस्ता आहिस्ता, मोहवश जी रहा
राह उसकी तक रहा मैं..
रोना तो हो गया मगर मिलना नहीं हुआ.
ना घटने का डर, ना लुटने का डर, ना जरूरत वारीस की, ना तालों की.
नींद आती है सकुन की हर रोज ..यही है सच्ची दौलत बिन दौलत वालों की.