मस्त विचार 1657
यूँ रो रो के इश्क को तमाशा ना बनाइये,
जीने की आरजू है तो धोखे भी खाइये !!
जीने की आरजू है तो धोखे भी खाइये !!
जाग जा अब तो फिर कब जागेगा.
जीवन यूँ ही गुजर जाएगा, पड़ा पछताता रह जाएगा.
लेकिन ये कभी नहीं जान पाते की हमारे लिए कौन जी रहा है !!
रास्ते उनके ही आसान हुआ करते हैं,
ए नादान न घबरा इन परेशानियों से,
ये तो पल भर के मेहमान हुआ करते हैं..
कहीं धोखे में आँखें हैं और कहीं आँखों के धोखे हैं.