मस्त विचार 4045

सफ़र में निकल चुका हूँ… अब न हौसले कम होंगे, न कदम रुकेंगे..

_ अब केवल चलना है, चलना है, चलना है…!!”

मस्त विचार 4043

“माना तुम मेरे नही पर मुलाकात तो कर लो.

_ होठों से न सही आखों से ही बात कर लो”””

एक ने कहा है ..एक ने सहा है, तब तक ही सब कुछ सही रहा है..!!

मस्त विचार 4042

अपने किरदार की सौग़ात सम्हालो वर्ना..

_ लौट कर फूलों मे खुश्बु नही आने वाली..

आप का अधिकार फूलों तक है, खुशबू आप की पाबंदियों से बाहर है..!!
हाथ काँटों से हो कर गुजरते रहे हैं, फूलों से इश्क़ का यूं हाल न पूछ..!!
“यदि आपका दिल ज्वालामुखी है, तो आप फूलों के खिलने की उम्मीद कैसे करेंगे ?”

“If your heart is a volcano, how shall you expect flowers to bloom?”

मस्त विचार 4041

इश्क इबादत की रात थी,

तेरे दर पर अश्क बहाते रहे हम,

तेरे हैं हम तेरे हैं हम,

बस यही गाते रहे हम..

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