मस्त विचार 4035
अब कोई मेरा अपना नहीं..
_ चलो अच्छा हुआ अब कोई खतरा नहीं..
_ चलो अच्छा हुआ अब कोई खतरा नहीं..
_ मैंने भी रूठना छोड़ दिया, अकेला हो जाने के डर से..
_ सदा “बहार होती तो ” तिनके कहाँ से लाते…”
_ अब ऐसा रंग लगाओ, जो चढ़े तो कभी ना उतरे..
_ हमारा अच्छा बुरा हमसे बेहतर ” वो ” जानता है.