| Jul 2, 2025 | मस्त विचार
मुझे मत सिखाइये कि ज़िन्दगी कैसे जीते हैं,
आप मुझसे सिखिये कि जिन्दा रहकर हर ग़म को कैसे पीते हैं.
| Jul 1, 2025 | मस्त विचार
दर्द दो तरह के होते हैं,
एक आपको तकलीफ देते हैं, एक आपको बदल देते हैं.
| Jun 30, 2025 | मस्त विचार
“मुस्कुराना” सीख लो यारों
“उदास” लोगों को “हमदर्द” मिलते है “हमसफ़र” नहीं…!!
| Jun 29, 2025 | मस्त विचार
एक दिन भी निभा नहीं पाएंगे मेरा किरदार
जो लोग मशवरे देते हैं हजार…
| Jun 28, 2025 | मस्त विचार
“मैं अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करूँगा,
_ पर किसी की असलियत को स्वीकार ज़रूर करूँगा.!!”
कुछ चीजें अकड़ की वजह से नही, बल्कि आत्मसम्मान के लिए छोड़नी पड़ती है.
जिसे अपनी क़ीमत पता है, वो समझौता नहीं करता.!!
अपनी कीमत खुद समझो, जो आपको नहीं समझते,
_ उनके सामने झुकना सिर्फ खुद के आत्मसम्मान को गिराना है.!!
आत्म सम्मान से बढ़कर कुछ नहीं ; जहाँ आपकी मौजूदगी की कद्र न हो, वहाँ बार-बार दस्तक देना छोड़ दीजिए ;
_ याद रखिए, गिड़गिड़ाकर मांगे गए साथ में.. कभी सुकून नहीं मिलता.!!
कुछ सालों बाद हमें ऐसा महसूस होगा, हम जिन चीजों से आज दूर भाग रहे हैं, वही असली चीजें थीं.!!
अपनी कीमत पहचानें, क्योंकि अत्यधिक समझौते व्यक्ति को दूसरों की नजरों में छोटा बना देते हैं.!!
दुनिया में कई लोग मजबूरी में झुक जाते हैं, लेकिन जो अपनी इज्ज़त जानते हैं,
_ वो हालात से भी समझौता नहीं करते.!!
हर इंसान को अपनी बाउंड्रीज खुद बनानी होती हैं..
_ सेल्फ रेस्पेक्ट [आत्म सम्मान ] के बिना इंसान रीढविहीन हो जाता है.!!
बेशक़ समझौता समाधान कर सकता हैं.
_पर खोया हुआ सम्मान कदापि नहीं.!!
समझौतों का ज़माना खत्म हुआ..! अब लोग अपने मन-मुताबिक जीते हैं.!!
हम दूसरों के साथ जो कर जाते हैं, वही अपने हिस्से में आए तो चुभने लगता है..
_ क्योंकि अपनी हर बात के पीछे हमें वजह दिखती है, और दूसरों की वही बात हमें खटकती है.!!
| Jun 27, 2025 | मस्त विचार
जीवन के उस पड़ाव पर हूँ जहाँ अपना कहने वाले तो बहुत हैं…
परन्तु अपना मानने वाले कोई नहीं…!!