मस्त विचार 4575

मेरी आँखों के जादू से तुम अभी वाकिफ़ नहीं हो…

हम उसे भी जीना सीखा देते हैं, जिसे मरने का शौक हो..

मस्त विचार 4574

मुमकिन नहीं हर ” वक़्त ” मेहरबां रहे जिंदगी,

_ कुछ ” लम्हे ” जीने का तजुर्बा भी सिखाते हैं..

कितने झंझावातों के बीच से गुज़रते हैं हम.

_ ज़िन्दगी जैसे ज़िन्दगी न हो, एक तजुर्बा हो.!!
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