मस्त विचार 1366
रुलाया ना कर हर बात पर ए जिंदगी..
जरुरी नहीं सबकी किस्मत में चुप कराने वाले हों.
जरुरी नहीं सबकी किस्मत में चुप कराने वाले हों.
जिन घड़ियों में हँस सकते हैं, उन घड़ियों में रोयें क्यूँ.
मुझे भूल जाओ तो मानूं की तुम्हे मुझसे मोहब्बत है.
न मैं अपने बस में रहा न मनवा अपने बस में.
तब उन मे से कुछ आप की झोली में भी आ जाती हैं.
तब से एक दूजे के…वो मेहमान हो गये.