मस्त विचार 1474
हजारों महफ़िलें हों, लाखों मेले हों,
पर जब तक खुद से न मिलो, अकेले हो.
पर जब तक खुद से न मिलो, अकेले हो.
बहुत से लोगों के लिए ये अभी भी सपना हैं !
अकेला मुझे छोड़ इस बेदर्द दुनिया में, तड़पता छोड़ कर तुमको मिला क्या.
जो किसी को खुले तौर पर सलाह देता है वह उसे अपमानित और कलंकित करता है.
_ क्या हमेशा आसमान में रहना…
Overthinking ruins you, ruins the situation, twists things around, makes you worry and just makes everything much worse than it actually is.