मस्त विचार 1402
वक़्त और भरोसा उन पर ही लुटाओ जो इनकी कद्र करे,
वरना इनसे खेलने वाले मिलेंगे हर राह पर.
वरना इनसे खेलने वाले मिलेंगे हर राह पर.
तुम जरा उड़ कर तो देखो, सब आयेंगे गिराने.
वो किसी बड़े की परछाई बनने में नहीं है.
मंझधार नाव करके, करता न कोई पार है.
उनके नाम का “गुलाल” हवा में उड़ाया मैंने..
दूर से भी कुछ इस तरह.. अपने “रिश्ते” को निभाया मैंने..
खिलना महकना ही जीवन की ऊँचाई है.