मस्त विचार 1385
उन्हें क्या पता जो कहते हैं हर वक़्त रोया न करो,
मैं कैसे समझाऊँ कुछ दर्द सहने के काबिल नहीं होते.
मैं कैसे समझाऊँ कुछ दर्द सहने के काबिल नहीं होते.
हम तो कहकर भूल जाते हैं, मगर लोग उसे ध्यान रखते हैं.
खुद को बदलो तो, संसार बदल पाओगे.
किसी की कमियां क्यों निकालते फिरते हो.
खुद की निकालो तो गुणों की खान बन जाओगे.
_ पूरी दुनिया से भरोसा सा उठ जाता है..
अपने आस पास का समाज और दुनिया बदलने में लगे हैं.
_ और करीब रहने वालों को, अक्सर मैंने भरोसा तोड़ते देखा है ..