मस्त विचार 1389
कुछ इसलिए भी ख्वाईशो को मार देता हूँ….
क्यूंकि घर की जिम्मेदारी है मुझ पर….
क्यूंकि घर की जिम्मेदारी है मुझ पर….
उसके लिए दुख करना बंद कर दो.!!
कि जीने के लिए मजबूर हो जाऊं…
इंसान को देखना नहीं बस समझना सीखो.
मैं कैसे समझाऊँ कुछ दर्द सहने के काबिल नहीं होते.
हम तो कहकर भूल जाते हैं, मगर लोग उसे ध्यान रखते हैं.