मस्त विचार 1367
न करनी है न करता हूँ मै कोई आस लोगों से,
करी जब आस तो केवल मिला उपहास लोगों से.
जो अपने सामने सबको बहुत छोटा समझतें हैं,
नहीं करनी मुलाकातें मुझे उन ख़ास लोगों से.
करी जब आस तो केवल मिला उपहास लोगों से.
जो अपने सामने सबको बहुत छोटा समझतें हैं,
नहीं करनी मुलाकातें मुझे उन ख़ास लोगों से.
जरुरी नहीं सबकी किस्मत में चुप कराने वाले हों.
जिन घड़ियों में हँस सकते हैं, उन घड़ियों में रोयें क्यूँ.
मुझे भूल जाओ तो मानूं की तुम्हे मुझसे मोहब्बत है.
न मैं अपने बस में रहा न मनवा अपने बस में.
तब उन मे से कुछ आप की झोली में भी आ जाती हैं.