मस्त विचार 1144

जो फिक्र, जो परेशानी मुझे मिली है, मै उसको बदल तो नहीं सकता.

लेकिन

अपनी सोच को थोड़ा बदल कर, उस दुःख को कम जरुर कर सकता हूँ.

मस्त विचार 1142

फूलों की तरह मुस्कुराते रहिए,

भंवरों की तरह गुनगुनाते रहिए.

चुप रहने से रिश्ते भी उदास हो जाते हैं,

कुछ उनकी सुनिए कुछ अपनी सुनाते रहिए.

भूल जाइए शिकवे शिकायतों के पलों को,

और…छोटी छोटी खुशियों के मोती लुटाते रहिए.

मस्त विचार 1139

हमारे जीवन की सभी समस्याओ की वजह सिर्फ दो शब्द हैं-

“जल्दी” और “देर”

हम सपने बहुत जल्दी देखते हैं और कार्य बहुत देरी से करते हैं.

हम भरोसा बहुत जल्दी करते हैं और माफ करने मे बहुत देर करते हैं.

हम गुस्सा बहुत जल्दी करते हैं और माफी बहुत देर से माँगते हैं.

हम हार बहुत जल्दी मानते हैं और शुरआत करने मे बहुत देर करते हैं.

हम रोने मे बहुत जल्दी करते हैं और मुस्कुराने मे बहुत देर करते हैं.

बदलें “जल्दी” वरना बहुत “देर” हो जाएगी …

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