मस्त विचार 1181

जिन्दगी का सफ़र, है ये कैसा सफ़र

कोई समझा नहीं, कोई जाना नहीं

है ये कैसी डगर, चलते हैं सब मगर

कोई समझा नहीं, कोई जाना नहीं. 

मस्त विचार 1179

आप अपनी ज़िन्दगी को सही मायने तो दें.

मन्जिल को दिशा ठीक से पहचानने तो दें.

अपने भीतर के इन्सान को जरा आइना तो दें.

आप हद में रह कर भी हदों से गुजर जायेंगे.

दुनिया को आपके फन की अदा जानने तो दें.

आप अपनी ज़िन्दगी को सही मायने तो दें.

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