मस्त विचार 1185
जीवन चलते रहने का नाम है,
चाहे रास्ते बदल – बदल कर ही चलिए.
चाहे रास्ते बदल – बदल कर ही चलिए.
अपने आप में बुद्धिमता का परिणाम है.
ज्ञान का दीप जलाएं, अँधेरा खुद भाग जायेगा.
हम दुःख के विषय में सोचेंगे तो दुःखी रहेंगे.
कोई समझा नहीं, कोई जाना नहीं
है ये कैसी डगर, चलते हैं सब मगर
कोई समझा नहीं, कोई जाना नहीं.
जब भी मिलेंगे अंदाज पुराना होगा.