मस्त विचार 1127

खुद पर भरोसे का हुनर आखिर सीख ही लिया हमने,

सहारे कितने भी अच्छे और सच्चे हों साथ छोड़ ही जाते हैं.

मस्त विचार 1126

जिन्दगी न पूछ हमसे क्यों फिर हम इतना बदल गए,

तेरी मेहरबानी से जिस सांचे में घुसे उसी में ढल गए.

मस्त विचार 1125

सूनी आँखों में सपनों को सजा लिया था- हमने

पर जिंदगी जैसी दिखती है- होती नहीं वैसी

इस हकीकत को शायद भूला दिया था- हमने.

मस्त विचार 1124

किसी भी कार्य की शुरुआत करें तो,,,,,,,,,

सबसे पहले उसे एक नए और अलग नजरिए से भी सोचें.

दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि _अगर आप एक ही नजरिए पर टिके रहेंगे _तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे..!!

मस्त विचार 1123

कल किसने देखा है

अपने आप में खुश रहो

खुशियों का इंतज़ार किसलिए

दूसरों की मुस्कान में खुश रहो

क्यूँ तड़पते हो हर पल किसी के लिए

कभी तो अपने आप में खुश रहो

छोटी सी ज़िन्दगी है हर हाल में खुश रहो.

मस्त विचार 1122

बहुत से लम्हे छोटे, बहुत छोटे होते हैं,

अक्सर खो जाते हैं…

मुझे शौक है उन्हें जमा करने का.

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