मस्त विचार 859

दोस्ती करो तो हमेशा मुस्कुरा के,

किसी को धोखा ना दो अपना बना के,

कर लो याद जब तक हम जिन्दा हैं,

फिर ना कहना चले गये दिल में यादे बसा के..

मस्त विचार 858

अपने मन की करता हूँ तो सब कहते हैं, ये खुदगर्जी हैं.

मैं उसूलों से राजा हूँ, ये खुदगर्जी नहीं, मेरी मर्जी है.

सभी कों खुश रख सकूँ, अब इतना तो, मेरे बस में नहीं.

झूठी तारीफ, झूठा दिखावा ये सब तो, आखिर फर्जी हैं.

मुझे जब- जब जख्म मिलते हैं तो, बखूबी सिल लेता हूँ.

कारीगिरी मेरी गौर से देखना, मुझ में भी इक दर्जी हैं.

मस्त विचार 857

ग़म एक अनुभव है, जो हर किसी के पास है..

ख़ुशी एक एहसास है, जिस की हर किसी को तलाश है..

पर जिंदगी तो वही जीता है, जिसे खुद पर विश्वास है..!

मस्त विचार 855

जिन्दगी में अगर बुरा वक्त नही आता तो अपनों में छुपे हुए गैर

और गैरो मे छुपे हुए अपने कभी नजर नहीं आते…

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