मस्त विचार 859
किसी को धोखा ना दो अपना बना के, कर लो याद जब तक हम जिन्दा हैं, फिर ना कहना चले गये दिल में यादे बसा के..
किसी को धोखा ना दो अपना बना के, कर लो याद जब तक हम जिन्दा हैं, फिर ना कहना चले गये दिल में यादे बसा के..
मैं उसूलों से राजा हूँ, ये खुदगर्जी नहीं, मेरी मर्जी है.
सभी कों खुश रख सकूँ, अब इतना तो, मेरे बस में नहीं.
झूठी तारीफ, झूठा दिखावा ये सब तो, आखिर फर्जी हैं.
मुझे जब- जब जख्म मिलते हैं तो, बखूबी सिल लेता हूँ.
कारीगिरी मेरी गौर से देखना, मुझ में भी इक दर्जी हैं.
ख़ुशी एक एहसास है, जिस की हर किसी को तलाश है.. पर जिंदगी तो वही जीता है, जिसे खुद पर विश्वास है..!
ये फासले तो गलतफहमिया बढाते हैं ..!!!
और गैरो मे छुपे हुए अपने कभी नजर नहीं आते…
हम कीमत से नहीं……किस्मत से मिला करते हैं.