मस्त विचार 916
चाँद को निहारने वाला मै न था. तारों को गिनने वाला मै न था. ये तो तेरे साथ का असर है. वरना किसी को इतना, याद करने वाला मै न था.
चाँद को निहारने वाला मै न था. तारों को गिनने वाला मै न था. ये तो तेरे साथ का असर है. वरना किसी को इतना, याद करने वाला मै न था.
भीतर से भी होंगे…….. हर समय खुश हाल रहना कोई हम से सीख ले सुख में सुखी और दुःख में दुखी रहना सभी कोई जानते सुख में दुःख में मस्त रहना कोई हम से सीख ले.
हालात जो भी हो…,होंठो पर मुस्कान रखो.
_ लेकिन औरों को गिराने का इरादा कभी नहीं.
कैसे मान लूँ कि तुझे मेरी परवाह नहीं…….. कैसे मान लूँ कि तू दूर है पास नहीं………. देर मैंने ही लगाई पहचानने में…..मेरे यार वरना तू ने जो दिया उस का तो कोई हिसाब नहीं. जैसे जैसे मैं सर को झुकाता चला गया वैसे वैसे तू मुझे उठाता चला गया.
मौसम की हर अदा आपके नाम कर दी. दिल ने चाहा कुछ ख़ास तोहफा दें आपको. तो दिल से निकली हर दुआ आपके नाम कर दी.