मस्त विचार 910

हो के मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये,

ज़िन्दगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये,

ठहरोगे एक पाँव पर तो थक जाओगे,

धीरे धीरे ही सही मगर राह पर चलते रहिये.

मस्त विचार 909

लम्बा- लम्बा वक़्त गुजर जाएगा, जीवन यूँ ही ख़तम हो जाएगा.

जी लीजीए ज़िन्दगी को भरपूर, ये अवसर शायद फिर न आएगा.

मस्त विचार 908

जिंदा रहे तो हर दिन आप को याद करते रहेगें…..

भूल गये तो समझ लेना खुदा ने हमे याद कर लिया…..

मस्त विचार 905

सब ने सोना ख़रीदा, मैंने सुई खरीद ली.

सपनों को बुनने जितनी डोरी खरीद ली.

शौक- ए- ज़िन्दगी कुछ कम किए,

फिर सस्ते में ही सुकून-ए-ज़िन्दगी खरीद ली.

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