मस्त विचार 910
ज़िन्दगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये, ठहरोगे एक पाँव पर तो थक जाओगे, धीरे धीरे ही सही मगर राह पर चलते रहिये.
हो के मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये,
ज़िन्दगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये, ठहरोगे एक पाँव पर तो थक जाओगे, धीरे धीरे ही सही मगर राह पर चलते रहिये.
हो के मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये,
जी लीजीए ज़िन्दगी को भरपूर, ये अवसर शायद फिर न आएगा.
भूल गये तो समझ लेना खुदा ने हमे याद कर लिया…..
सुन कर झूठी तारीफ, खूब मुस्कुराते हैं लोग..!
सच सुनने से न जाने क्यों कतराते हैं लोग,
जिससे मिलने के बाद कोई खुद को छोटा महसूस न करे.
बड़ा आदमी वो कहलाता हैं…..
सपनों को बुनने जितनी डोरी खरीद ली. शौक- ए- ज़िन्दगी कुछ कम किए, फिर सस्ते में ही सुकून-ए-ज़िन्दगी खरीद ली.
सब ने सोना ख़रीदा, मैंने सुई खरीद ली.