मस्त विचार 904
क्योंकि जो बगैर दस्तक के आते हैं वो अपने ही होते हैं….
तेरी याद जब आती हैं तो उसे रोकते नहीं हम….
क्योंकि जो बगैर दस्तक के आते हैं वो अपने ही होते हैं….
तेरी याद जब आती हैं तो उसे रोकते नहीं हम….
हम तो समुद्र में डुबकियाँ लगा कर ही जीने का मजा लेते हैं.
तू दिन रात कोशिशें करता है किनारा ढूँढने की,
अब शाम हो रही है मेरा साथ छोड़ दो.
जहाँ से तुम चले जाओ, वहाँ तुम्हे सब याद करें.
जहाँ तुम पहुँचने वाले हो, वहाँ सब तुम्हारा इंतजार करें.
तू जंहा मुझसे कहेगी मैं उतर जाऊंगा……….
ज़िंदगी, मैं भी मुसाफिर हूँ तेरी कश्ती का……
तरक्की जरुर होगी.
जिस दिन ज़िंदगी को डिजाइन करना सीख गए,