मस्त विचार 4465

आईना हूं तेरा, क्यूं इतना कतरा रहे हो.

_ सच ही कहूंगा, क्यूं इतना घबरा रहे हो.!!

अगर कोई अपना हो तो आईने जैसा हो _ जो हँसे भी साथ और रोये भी साथ..

मस्त विचार 4463

“बुलंदियां ” खुद ही तलाश लेंगी ” तुम्हें ” !

बस मौका न छोड़ना, मुश्किलों में मुस्कुराने का.!!

मुश्किलें चाहे जितनी भी बड़ी क्यों न हों, भरोसा रखो..

_ रब आपके लिए कुछ और बेहतर सोच रहा है.!!

कभी वो झोली भरकर देखता है कि हम उसे याद रखते हैं या नहीं..
_ और कभी खाली करके देखता है कि हम उस पर भरोसा रखते हैं या नहीं.!
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