मस्त विचार 4503
समझौता मंजूर नहीं है, मजबूरी है सबकी..!!
“समझौतों का ज़माना खत्म हुआ..
_अब लोग समझौते नहीं करते, अपनी मर्ज़ी का जीवन जीते हैं.”
क्योंकि पहले बहुत पास आते हैं बाद में बहुत दर्द देकर जाते हैं.
बस देखना चाहते थे कि लोग झूठ कहां तक बोल सकते हैं.
और कोशिश करने से ही सुन्दर कल मिलता है..!