मस्त विचार 4289
तुम्हे पाने की इच्छा है..मगर..तुम्हारी इच्छा के बिना नही..!!
मंजिल वो अपनी खुद ब खुद बना लेते हैं..
तू पहले इश्क़ कर, फिर चोट खा, फिर लिख दवा मेरे दर्द की..
वो मुझे ज़रा सा भी नहीं चाहिए।”
में ऐसा शख्स हूँ फिर भी हंस के मिलूंगा..
तुमको खुद से ज्यादा चाहा,…क्या इसलिए…??