मस्त विचार 034
मैंने आज तक ख़ुदा को नहीं देखा है ,
लेकिन मैंने उन लोगों में उसे पाय़ा है ,
जिन्होंने मेरा तब साथ दिया ,
जब बाकि सारी दुनिया ने मेरा साथ नहीं दिया .
लेकिन मैंने उन लोगों में उसे पाय़ा है ,
जिन्होंने मेरा तब साथ दिया ,
जब बाकि सारी दुनिया ने मेरा साथ नहीं दिया .
आज का दिन खुशनुमा लग रहा है.
कहीं तुम आस पास तो नहीं.
महक उठा हूँ मैं.
कहीं यह तुम ही तो नहीं.
छुप के मिलता हूँ कभी जब नहीं होता कोई.
य़ाद करता हूँ बताऊँ ये जरुरी तो नहीं.
जब रोना होता है तब रो लेता हूँ.
तुझे रो कर दिखाऊँ ये जरुरी तो नहीं.
जिन्हें हम पा नहीं सकते सिर्फ चाह सकते हैं….