मस्त विचार 4179

” कोयले की खदान से कोरा कोयला ही नहीं निकलता,

जौहरी की आंख हो तो, कोहिनूर हाथ लग जाता है,”

मस्त विचार 4177

” परखना सीखो, परखना, आ गया याने, – जीवन जीना आ गया,”
और हां..
रद्दी तक तोली जाती है तराजू में बिकने से पहले,
_ तुम्हे कोई परख रहा है तो इसमें बुरा ही क्या है.!!

मस्त विचार 4176

क्यूं कहते हो मेरे साथ कुछ भी बेहतर नही होता,

_ सच ये है के जैसा चाहो वैसा नही होता,
_ कोई सह लेता है कोई कह लेता है क्यूँकी,
_ ग़म कभी ज़िंदगी से बढ़ कर नही होता.!!
ज़िन्दगी की हर राह पर नए ग़म मिलेंगे

_ कहीं ज़्यादा तो कहीं कम मिलेंगे..
_ सोच-समझ के किसी पर ऐतबार करना..
_ ज़रूरी नहीं कि हर मोड़ पर हम मिलेंगे.!!

मस्त विचार 4175

यदि लोगों को ये पता चल जाये कि आप कमजोर हो रहे हैं तो वे इस चीज़ का फायदा उठाना शुरू कर देते हैं, इसलिए खुद को मजबूत बना कर रखें..

मजबूत बनें क्योंकि लोग कमजोर लोगों का उपयोग करना पसंद करते हैं.
 

मस्त विचार 4174

वो पत्ता आवारा न बनता तो क्या करता.

_ न हवाओ ने बख्शा, न टहनियों ने पनाह दी..

पत्तों ने रंग बदला और वो गिर गए,

_ वरना पेड़ को संभालने में कोई दिक्कत नहीं थी.!!

पेड़ की शाख से पत्ता टूट कर गिरा है या रूठ कर..

_ कौन जानता है, खैर !!…

पत्तों ने जब भी रंग बदला है, हमेशा ज़मीन पर ही गिरे हैं.!!

पेड़ हूँ हर रोज़ गिरते हैं पत्ते मेरे, फिर भी हवाओं से बदलते नहीं रिश्ते मेरे !!

रूठ कर जायेंगे तो लौटेंगे जरूर, टूट कर गए तो फिर मुमकिन नहीं !!

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