मस्त विचार 4129

हक़ीक़त को तलाश करना पड़ता है…अफवाहें तो घर बैठे आप तक पहुँच जाती है…
अफ़वाह का धुंआ वहीँ से उठेगा, जहां आपके नाम की आग हो.!!
लोग चाहते तो है आप अच्छा करो, लेकिन ये नहीं चाहते की आप उनसे अच्छा करो..

_ एक हक़ीक़त तो यह भी है.

किसी के भी बारे में झूठी अफवाहें फैलाने से सच्चाई बदल नहीं जाती है.!!

मस्त विचार 4127

जब आपको रोकने के लिए सारे तरीके नाकाम हो जाएं,

_ तब लोग आपको पागल घोषित कर देते हैं.!!

सोचा था “थोड़े ही होंगे”, यहाँ तो पूरी भीड़ है “पागल लोगों की”
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