मस्त विचार 4096
मेरी जिंदगी का फ़ैसला मैं खुद नहीं करता …
_ यह जिम्मा मैंने वक़्त को दे रखा है…!!
हर फ़ैसला मुश्किल नहीं होता, अक्सर हम उसे टालते हैं.. इसलिए भारी लगने लगता है.!!
_ यह जिम्मा मैंने वक़्त को दे रखा है…!!
धीरे-धीरे ही सही मगर थोड़ा बहुत हम भी आगे बढ़ लेंगे !
बुझ जाऊंगा किसी रोज़… मैं सुलगते सुलगते !!
खैर अब मुझे अभ्यास हो चुका कि अपनों को अपना ना समझने में ही भलाई है..
धोखा भी धोखे से दिया उसने !!
खोज तो खुद की है खुदा तो बहाना है.