मस्त विचार 4224

जब से मैं तेरी खोज पर निकला हुं, हर जर्रे को तेरी खोज करते पाया हुं..
शून्य से बहुमूल्य होने तक का सफ़र, अनगिनत ठोकरों से हो कर गुजरता है.!!

मस्त विचार 4219

हल्की हल्की सी हंसी, साफ इशारा भी नहीं,

_ जान भी ले गए और जान से मारा भी नहीं.!!

दूसरों पर हँसना आसान है, लेकिन वही हँसी अगर खुद पर आ जाए तो चुभती है..
_ इसलिए सोचकर मुस्कुराइए.!!
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