My Favourites – 2021

ज्ञान कि बूंदें हमारे ऊपर अभी गिरनी चाहिए – अभी मतलब जब हम जवान हैं, स्वस्थ हैं और एक लम्बा जीवन हमारे सामने पड़ा है,

और यह ज्ञान बूँदों के तौर पर नहीं, बल्कि हमारे ऊपर बारिश के रूप में गिरना चाहिए.

ज्ञान की जड़े कड़वी होती हैं _ लेकिन इसके फल बहुत मीठे होते हैं..

” बिना ज्ञान के जीवन _ _ एक बीमार व्यक्ति के भांति होता है..

ज्ञान के बाद _ मौन, मेहनत दोनों ही आते हैं,,, _ किसी को समझाने से कहीं अच्छा है अपने काम पर लगो,,,वक़्त आने पर सब समझ जाते हैं.
हमारा ज्ञान इतना तो अवश्य ही होना चाहिए कि उस ज्ञान से हम एक स्वस्थ जीवन को जी सकें.
ज्ञान एक ऐसा निवेश है, _ इसका मुनाफा हमारे जीवन के अंत तक भी मिलता रहता है.
” हमारा ज्ञान अज्ञान के एक महान महासागर में एक छोटा सा द्वीप है “
ज्ञान में निवेश _ हमेशा सबसे अच्छा ब्याज देता है..
ज्ञान जानने में नहीं, _ वैसा बनने में है..
लिखी हुई बातें आवाज नहीं करती _ पर असर बहुत करती हैं !!
अच्छा लिखना ही शानदार नहीं होता साहब, पढ़ने वाले भी समझदार होने चाहिए …!!
पागल का एक ही अर्थ है कि जो विश्राम करने में असमर्थ हो गया, _ अगर आप विश्राम करने में समर्थ हैं,

_ तो आप समझना कि आप पागल नहीं हैं, – अगर विश्राम के आप मालिक हैं, तो समझना कि आप पागल नहीं हैं..

अपने आप को आराम दें ; जिस खेत को थोड़ा खाली रखा जाता है, उसमें अच्छी पैदावार होती है.
प्रत्येक व्यक्ति अपने-अपने आत्महित एवमं स्वार्थ के बारे में ही सोचता है, इसीलिए स्वयं बलवान बनें, कोई साथ नहीं देगा…!!!
जिंदगी बहुत छोटी है, _ इसलिए अपना समय उन लोगों के साथ बर्बाद न करें जो आपकी सराहना या महत्व नहीं देते हैं..
” मधुमक्खी मक्खियों को यह समझाने में अपना समय बर्बाद नहीं करती हैं कि शहद गंदगी से बेहतर है “
हमेशा नैतिकता से बात करें _ क्योंकि इंसान पर ज्यादातर मुसीबतें उसकी जुबान की वजह से आती हैं.
दिमाग में हो रही उथल पुथल _ आप के साथ भविष्य में होने वाले नुकसान का एक संकेत है.
कोशिश करो और असफल हो जाओ _ लेकिन कोशिश करने से मत चूको..
अपनी कामयाबी को इससे मापो कि उसे पाने के लिए तुमने क्या खोया है !
अपने अतीत को लेकर शांत रहें _ जो हो गया सो हो गया _ अब ऐसा करें कि ” वर्तमान खराब न हो “
अगर आपके बेवजह दुश्मन हैं तो आप के पास या तो सम्पत्ति ज़्यादा है या आपका किरदार ख़ूबसूरत है.
अपनी सुविधाओं का दुरुपयोग न करें, _ क्योंकि इसका परिणाम आपको खुद भुगतना पड़ सकता है.
कुछ वक़्त अच्छा गुज़ारने के लिए _ अपनी ज़िन्दगी को दांव पर मत लगाइये..!!
जिस चीज़ को आप कमा सकते हैं, उसे मांग कर _ अपनी वैल्यू _ कम करने की _ कोई जरुरत नहीं..
व्यक्ति में इतनी ताकत हमेशा होनी चाहिए, _ कि अपने दुःख, अपने संघर्षों से अकेले जूझ सके..
“लम्बी छलांगों से कहीं बेहतर है निरन्तर कदम, _ जो एक दिन आपको मंज़िल तक ले जाएगा”
आप आज जिसकी कदर नहीं कर रहे हो,_ यकीन मानो कुछ लोग उसको दुआओं में मांग रहे हैं..
बस एक मोड़ ग़लत मुड़ गया था _ फिर ना मंज़िल मिली और ना वापिस घर आया !!
लोग पहले ___ अच्छे हुआ करते थे ; लेकिन अब लोग अच्छे बनते हैं : फर्क है ना,, जनाब..
अगर आप अपने मन के जाल में ही खोए रहेंगे तो _ इस जीवन की सुंदरता से चूक जाएंगे.
ज़रूरत से ज़्यादा सोच कर हम ऐसी समस्याएं खड़ी कर लेते हैं _ जो असल में है भी नहीं..
हारने वालों का भी अपना रुतबा होता है _ मलाल वो करे जो दौड़ में शामिल नहीं !!
ज़िंदगी में कोई न कोई हार ऐसी होती है, _ जिस के बाद कुछ भी हारने को नहीं बचता..
ज़िन्दगी की हकीकत बस इतनी सी है, _ कि इंसान पल भर में याद बन जाता है..
खुद यकीन नहीं होता जिनको अपनी मंजिल का, _ उनको राह के पत्थर रास्ते नहीं देते..
उस सुख का क्या महत्व, जो थोड़ी- बहुत वेदना का अनुभव किए बिना ही मिला हो ?
तराशने वाले पत्थरों को भी तराश देते हैं, और नासमझ हीरे को भी पत्थर करार देते हैं.
पहाड़ पर चढ़ो ताकि तुम दुनिया देख सको, इसलिए नहीं कि दुनिया तुम्हें देख सके.
लोग जो कहते हैं उस पर कम ध्यान दें _ और जो वे करते हैं उस पर अधिक ध्यान दें.
नासमझी और उतावलेपन में, उठाये कदम, कलम और कसम, तकलीफ ही देते हैं.
पहाड़ रुका रहा और नदी बह चली, _ दोनों ने कभी _ एक दूसरे की शिकायत नहीं की..
इरादे इतने भी कमजोर नहीं होने चाहिए कि _ लोगों की बातों में आ कर टूट जाए !!
दर्द को भी ताक़त बनाना पड़ता है, जब भी ज़िंदगी में कुछ हासिल करना पड़ता है.
दर्द की ज़ुबान होती तो बता देते शायद, वो ज़ख्म कैसे दिखाएं जो दिखते नहीं..
शरीफ़ व्यक्ति जब बदमाशी पर उतर जाता है ; तो फिर वो किसी से नहीं हारता..
सम्भवतः कोई नहीं देख सकेगा _ लेकिन दुःख तुम्हें _ भीतर से सुंदर कर देता है…
न अमीर खुश है न गरीब खुश है, जो रिलैक्स रहने का हुनर जानता है वही खुश है.
जब हकीकतों की हवा चलती है, तो ख़्वाबों के चिराग अक्सर बुझ जाया करते हैं.
जो आपके सुख में सुखी नहीं हुआ, वह आपके दुख में दुखी कैसे हो सकता है ?
यदि आप कुछ भी जोखिम नहीं लेते हैं, _ आप सब कुछ जोखिम में डालते हैं..
काटने जाओ तो जिंदगी बहुत लंबी है, और जो जीने जाओ तो बहुत छोटी है..
बोलने से पहले यह देख लें कि आप सिक्के के दोनों पहलू देख रहे हैं या नहीं.
सही दिशा में उठाया गया एक छोटा कदम भी बहुत बड़ा साबित होता है.!
लोगों की बातें सुनें, _ लेकिन अपने स्वतंत्र विचारों के आधार पर निर्णय लें !
अपने लक्ष्यों पर ध्यान दें, _ दूसरों के जीवन पर नहीं …
मिलती नहीं मेरी तबियत किसी से, कुसूर मेरा है…शख्स कोई बुरा नहीं..
जीवन खेल है ! जिसे समझना मुश्किल है ,,,,? और समझाना नामुमकिन !
सिर्फ़ कुछ खोकर ही _ बहुत कुछ खोने के दुःख से बचा जा सकता है.
कोई चीज अजीब तब तक है जब तक हम उसे अजीब समझें… नही तो !
बुद्धिमान के पास परेशानी नही प्लान होता है जिससे वह सफल होता है.
आप जिसे बल से नहीं हरा सकते, उसे बुद्धि से अवश्य हरा सकते हो !!
शांत मन से लिया गया हर निर्णय,_ आप को सही परिणाम देता है !
बात बस नज़रिये की है ; काफी अकेला हूँ, _ या अकेला काफी हूँ..
जिसका उदय होना निश्चित है, उसके लिए प्रकृति भी रास्ता बना देती है.
*हमारे बारे में वो लोग ज्यादा जानते हैं*, *जिने हम खुद भी नही जानते*
देर लगती है मगर समझ आ जाता है, _ कौन कैसा है नज़र आ जाता है ..
समस्याओं पर मानसिक बहस करने की बजाय समाधान पर जोर दीजिए.
अगर आप सदैव दुःखी रहते हैं तो _ वह दुःख आपका चुना हुआ होता है.
खोई हुई चीज़ को याद मत करो और जो मिला है ” उसे बर्बाद मत करो “
अगर आपके ख्वाब बड़े हैं तो _ आपके संघर्ष कैसे छोटे हो सकते हैं.
मनुष्य को अपने ऊपर ही विश्वास नहीं है कि वह सुखी जीवन जी लेगा.
दूसरों पर निर्भर रहना बंद करें, _ आत्म – विश्वसनीय होना शुरू करें !
अपने बीते हुए कल को_ _ अपने आज का ज्यादा समय न लेने दें.
लोगों को अपनी योजना न बताएं, _ उन्हें अपने परिणाम दिखाएं.
लोग जलते रहेंगे आग की तरह, _ तुम खिलते रहो गुलाब की तरह..
” मूर्ख बुद्धिमान व्यक्ति की बंधी हुई गांठ को नहीं खोल सकता “
भविष्य उनका है _ जो अपने सपनों की सुंदरता में विश्वास करते हैं.
ग़म ख़ुशी साथ साथ रहते हैं, _ हमको हर हाल ये समझना है !
वे अड़े रहे नफरत करने में, _ हम ध्यान दे रहे हैं आसमान छूने में !
ढूंढो तो सुकून सिर्फ खुद में है, _ दूसरों में सिर्फ उलझने मिलेंगी …
रास्ता एक बार भूलने की बजाए, _ दो बार पूछकर चलना बेहतर है..
अन्तरदृष्टि रखने वाले व्यक्ति को, _ अपनी कीमत मालूम होती है.
अपनी औकात हम खुद तय करते हैं, _ लोग तो सिर्फ़ हमें बताते हैं.
किसी को बर्बाद करने की सोच _ आप की बर्बादी के लिए काफी है..
बुरे से बुरा क्या हो जायेगा _ चलो जो भी होगा _ देखा जायेगा..
किसी व्यक्ति को उसके उत्तरों के बजाय उसके प्रश्नों से आंकें..
साथ ठहरना भी आना चाहिए, चलने के लिए तो सब तैयार हैं.
संघर्ष जितना बड़ा होगा, _ समझदारी उतनी ही बेहतर होगी.
जिंदगी चैन से गुज़र जाए, अगर कुछ बातें ज़हन से उतर जाए..
खफा हैं सब मेरे लहजे से, पर मेरे हाल से वाकिफ़ कोई नहीं !
जीत कर हम वो नहीं सीख सकते, जो हार कर सिख जाते हैं..
मंज़िल को ख़बर ही नहीं, सफ़र ने क्या क्या छीना है हमसे…
जिसे हम स्वीकार कर लेते हैं, उसके हम ” पार ” हो जाते हैं.
लोगों के मुंह बंद करने से अच्छा है, अपने कान बंद कर लो.
“बल का प्रयोग करने वाला व्यक्ति तर्क करने से डरता है” !!
सकून में इसलिए हूं क्योंकि, धोखा खाया कभी दिया नहीं ..
मज़बूत किरदार के लोग, शिकायतें नहीं फैसला करते हैं..
अच्छा जरूर बनें मगर, साबित करने की कोशिश ना करें.
परेशानी हालात से कम _ ख्यालात से ज्यादा होती है !
जिनकी सबसे बनती है.. वो भरोसे लायक नहीं होते !!!
गलत लोगों से नजदीकी….कम ही रखनी चाहिए..
मतलबी लोगों से फासले ही ठीक रहते हैं ..!!
दुनिया की सबसे बड़ी संपत्ति आपकी मानसिकता है.
जो हम सोच सकते हैं, वह हम कर भी सकते हैं.
दूसरों को महंगा करोगे तो खुद सस्ते हो जाओगे…
दुनिया चुप रहती कब है, कहने दो जो कहती है !
ज्यादा बात करने वाले कुछ नहीं कर पाते _ और कुछ कर दिखाने वाले ज्यादा बात नहीं करते !!
अपने आप कुछ नहीं होगा, _ जीतने के लिए आपको थोड़ा तो लड़ना पड़ेगा..
बातें मैं बहुत करता हूँ, _ मगर बहुत कम लोगों से..
लोगो से कम बात करो और सुखी रहो.
कुछ चीजें पैसो से नहीं मिलती और मुझे उन्हीं चीजों का शौक है..
” शौक पूरे होने चाहिए लेकिन खुद के पैसे से “
जल्दबाज़ी बंद करो, _ धैर्य रखना शुरू करें !
कर्म वो करो जो करना ही फल लगे..
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