सुविचार – शुभ-चिंतक – 307
शुभ-चिंतक कौन होता है, – वो जिसे हमारा शुभ होते ही चिंता होने लगे.!!
सोचा न था ऐसी तक़दीर बन गई.
हमने तो रेत पे ऊँगली फिराई ही थी,
देखा तो आपकी तसवीर बन गई.
मैं भाग्य में बहुत बड़ा विश्वास रखता हूं, और मुझे लगता है कि मैं जितना अधिक मेहनत करता हूं, उतना ही अधिक मेरे पास होता है.
I’m a great believer in luck, and I find the harder I work the more I have of it.
आप जो करते हैं वह महत्वपूर्ण नहीं है, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि कुछ करने के लिए आपका प्रयास क्या है.
विवेक के खिलाफ कभी कुछ न करें, भले ही कुछ भी हो जाये.