सुविचार 306

हम चिन्ता करेंगे तो भटक जायेंगे और चिन्तन करेंगे तो भटके हुए को रास्ता दिखायेंगे.

सुविचार 305

अगर आप चाहते हैं कि लोग आपको पसंद करें, तो आपको भी औरों को पसंद करना होगा, उनका सम्मान करना होगा. ऐसा करना कठिन भी नहीं है. अगर आप खोजेंगे, तो हर एक इनसान में कुछ- न- कुछ ऐसा मिल जाएगा, जो स्वीकार करने योग्य होगा. आप उसके उन्हीं गुणों को पसंद करें और उन्हीं के आधार पर उसे सम्मान दें. आप देखेंगे कि उनमे भी आपके इस व्यवहार के कारण बड़ा बदलाव आया है और उन्होंने अपनी कई कमियों को केवल इसलिए दूर कर लिया है कि आप उनका सम्मान करते हैं. फिर वे आपको और भी पसंद करने लगेंगे और पहले से ज्यादा सम्मान देने लगेंगे. अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए आपको दूसरों को पसंद करने और उनका आदर करने की अपनी आदत को विकसित करनी होगी.

मस्त विचार 353

गालों पे आंसूओं की लकीर बन गई.

सोचा न था ऐसी तक़दीर बन गई.

हमने तो रेत पे ऊँगली फिराई ही थी,

देखा तो आपकी तसवीर बन गई.

Collection of Thought 057

I’m a great believer in luck, and I find the harder I work the more I have of it.

मैं भाग्य में बहुत बड़ा विश्वास रखता हूं, और मुझे लगता है कि मैं जितना अधिक मेहनत करता हूं, उतना ही अधिक मेरे पास होता है.

 

Collection of Thought 056

What you do is not important, but what important is your effort to do something.

आप जो करते हैं वह महत्वपूर्ण नहीं है, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि कुछ करने के लिए आपका प्रयास क्या है.

You live only once doesn’t mean, you live only one kind of life.

There are different kinds of lives one can live in one life.
आप सिर्फ़ एक बार जीते हैं, इसका मतलब यह नहीं कि आप सिर्फ़ एक ही तरह का जीवन जीते हैं.
_ एक ही जीवन में कई तरह के जीवन जीए जा सकते हैं.!!

Collection of Thought 055

Never do anything against conscience even if the state demands it.

विवेक के खिलाफ कभी कुछ न करें, भले ही कुछ भी हो जाये.

 

सुविचार 304

 आप अपने अंदर एक पवित्र इंसान पैदा कर सकें, आप शान्ति के साथ जी सकें, प्रेम के साथ जी सकें, अपने अंदर एक सतोगुण को आप जन्म दे सकें तो वह बहुत बड़ी बात है.

सुविचार – “हर गिरना मुझे ऊँचाई के और करीब ले जाता है” – 303

“हर गिरना मुझे ऊँचाई के और करीब ले जाता है”

_ ऊँचाई तक पहुँचने का सफर सीधा नहीं होता ; हर गिरना भी उसी यात्रा का हिस्सा है, जो हमें और मज़बूत और सच्चा बनाता है”
_ वहां तक पहुँचने के लिए मुझे कई बार गिरना होगा, टूटना होगा, और फिर सँभलना होगा.
_ “हर गिरना ही मुझे उस ऊँचाई के करीब ले जाएगा”
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