मस्त विचार 4016

गर्दिश तो चाहती है, #तबाही मेरी मगर..

_ मजबूर है किसी की #दुआओं के सामने..!!

ज़िन्दगी तबाही के किनारे पे खड़ी है और आपको तेरी-मेरी पड़ी है..!!

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