मस्त विचार 3366

अजीब ढंग से मुझको मिली है आज़ादी !

_ परिंदा पिंजरे में पिंजरा हवा में रक्खा गया..!

पिंजरा खोल दो, तो भी पंछी उड़ा नहीं करते.

_ यह प्यार नहीं, आराम और आदत का मामला है..!!

कौन पूछता है पिंजरे में बंद परिंदों को..
_ याद तो उनकी आती है, जो उड़ जाया करते हैं.!!

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