बड़े लोगों की सलाह सुनें – इसलिए नहीं कि वे सही हैं,
बल्कि इसलिए क्योंकि उनके पास सबसे अधिक अनुभव { सही और गलत } है.
कितना ही सीख-समझ लो, उम्र के अंत तक आते-आते हर अनुभव बेकार लगने लगता है,
_ क्योंकि तब ज़िन्दगी नए सिरे से समझ में आती है.
अनुभव का किसी किताब या उम्र से कोई आंकलन नही हो सकता है.
_ छोटी उम्र में भी ऐसे ऐसे अनुभव आ जाते हैं जीवन में कि उम्र तमाम के बाद भी नही आते हैं.!!






