यह संगदिलों की दुनिया है ज़रा बच के रहना,
_ यहाँ लोग पलकों पे बिठाते हैं नजरों से गिराने के लिए.!!
संसार तो ईधर कुआँ उधर खाई है.
_ एक तरफ बचेंगे तो दूसरी तरफ गिर जाएंगे.!!
_ यहाँ लोग पलकों पे बिठाते हैं नजरों से गिराने के लिए.!!
_ एक तरफ बचेंगे तो दूसरी तरफ गिर जाएंगे.!!