सुविचार – ध्यान के फायदे

शारीरिक लाभ :-

* यह ऑक्सीजन खपत को कम करता है.

*इससे श्वसन दर घट जाती है.

*यह रक्त प्रवाह को बढ़ाता है और ह्रदय गति को धीमा कर देता है.

*शारीरिक विश्राम को एक गहरे स्तर पर ले जाता है.

*उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए अच्छा है.

*रक्त लैक्टेट के स्तर को कम करके चिंता का दौरा कम कर देता है.

*मांसपेशियों के तनाव में कमी लाता है.

*प्रतिरक्छा प्रणाली को बढ़ाता है.

*वायरस और भावनात्मक संकट की गतिविधि कम कर देता है.

*ऊर्जा, ताकत और उत्साह बढ़ाता है.

*कोलेस्ट्रॉल के स्तर में गिरावट, ह्रदय रोग के खतरे को कम करता है.

*फेफड़ों में हवा का बेहतर प्रवाह, जिसके परिणामस्वरूप सांस लेना आसान होता है.

*उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को घटाता है.

*पुराने रोगों की रोकथाम, धीमा या नियंत्रित दर्द.

*मस्तिष्क क्रियाकलाप को अधिकतर अनुशासन में रखता है.

*आपके आदर्श वजन को सामान्य रखता है.

मनोवैज्ञानिक लाभ : –

*आत्मविश्वास बनाता है.

*सेरोटोनिन स्तर बढ़ता है, मूड और व्यवहार को प्रभावित करता है.

*खुद के विचारों को नियंत्रित करने में मदद करता है.

*फोकस और एकाग्रता के साथ मदद करता है.

*रचनात्मकता बढ़ाता है.

*बेहतर सीखने की छमता और स्मृति.

*जीवन शक्ति और कायाकल्प की भावनाओं में वृद्धि.

*भावनात्मक स्थिरता में वृद्धि.

*बेहतर सम्बन्ध.

*धीमी दर पर उम्र का मन.

*बुरी आदतों को दूर करने के लिए आसान.

*अंतर्ज्ञान विकसित.

*उत्पादकता में वृद्धि.

*घर और काम पर बेहतर संबंध.

*किसी विशेष स्थिति में बड़ी तस्वीर देखने के लिए सछम.

*छोटे मुद्दों को अनदेखा करने में मदद करता है.

*जटिल समस्याओं को हल करने की छमता में वृद्धि.

*दो मस्तिष्क के गोलार्धों के बीच अधिक संचार.

*एक तनावपूर्ण घटना के लिए और अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया.

*संभावित मानसिक बीमारी में कमी.

*बेहतर, अधिक मिलनसार व्यवहार.

*धूम्रपान, शराब की लत छोड़ने में मदद करता है.

*ड्रग्स, गोलियां, और फार्मास्युटिकल्स पर निर्भरता कम कर देता है.

*अनिद्रा को ठीक करने में मदद करता है.

*जिम्मेदारी की भावना बढ़ जाती है.

*क्रोध में कमी करता है.

*बैचेन सोच में कमी करता है.

*चिंता करने की प्रवृत्ति में कमी करता है.

*कौशल और सहानुभूति सुनना बढ़ता है.

*अधिक सटीक निर्णय करने में मदद करता है.

*माना और रचनात्मक तरीके से कार्य करने के लिए संयम देता है.

*एक स्थिर, अधिक संतुलित व्यक्तित्त्व बढ़ता है.

*भावनात्मक परिपक़्वता का विकास होता है.

आध्यात्मिक लाभ : –

*मन की शान्ति, खुशी प्रदान करता है.

*आपको अपने उद्देश्य की खोज में मदद करता है.

*आत्म- वास्तविकता में वृद्धि.

*बढ़ती करुणा.

*अपने और दूसरों के बारे में गहरी समझ.

*आध्यात्मिक विश्राम का गहरा स्तर.

*अपने आप को स्वीकृति में वृद्धि.

*माफी सीखने में मदद करता है.

*जीवन के प्रति दृष्टिकोण को बदलता है.

*आत्मज्ञान प्राप्त होता है.

*अधिक आंतरिक- निर्देशन.

*वर्तमान छण में रहने में मदद करता है.

*प्यार के लिए एक चौड़ी, गहराई छमता विकसित करता है.

*अहं से परे शक्ति और चेतना की खोज.

*एकता की भावना का अनुभव करें.

*आपके जीवन में एकजुटता बढ़ता है.

“यदि आप अपने ध्यान का पालन करते हैं, तो आप अपने आप को एक तरह के ट्रैक पर रख देते हैं, जो हर समय आपकी प्रतीक्षा कर रहा है,

_ आप अपनी आँख बंद करके अपने और दुनिया के बारे में ज्यादा जान पाते हैं,
_ जब आप अपनी आँखें बंद करते हैं तो सब कुछ बोलता है !!
_ जब आप यह देख सकते हैं, तो आप ऐसे लोगों से मिलना शुरू करते हैं जो ध्यान और आनंद के क्षेत्र में हैं, और वे आपके लिए द्वार खोलते हैं..!
_ “ऐसे लोगों की सराहना करना सीखें” जो कठिनाइयों से परेशान नहीं हुए और अपना रास्ता खोज चुके हैं.
_ “जिन्होंने अपने दर्द को दिल की सुंदरता में बदल दिया”
_ अपने ध्यान का पालन करें और डरें मत, और दरवाजे खुल जाएंगे _ जहां आप नहीं जानते थे कि वे खुलने जा रहे हैं..!!
_ यदि आप अपने ध्यान का अनुसरण करते हैं, तो आपके लिए ऐसे द्वार खुल जाएंगे _ जो किसी और के लिए नहीं खुले होंगे..
— “हम दुखों की दुनिया का इलाज नहीं कर सकते, लेकिन हम ध्यान के द्वारा आनंद में रहना चुन सकते हैं.”
__ “हम बाहरी चीजों को करने में इतने व्यस्त हैं कि हम आंतरिक मूल्य को भूल जाते हैं, वह आनंद जो जीवित होने से जुड़ा है, यही सब कुछ है.”
अगर आपको ध्यान का स्वाद, ध्यान का आनंद, मिल गया है तो, आपने जीवन में जितना खोया था, उससे कहीं अधिक मिल जाएगा ; ध्यान का आनंद दर्द को जला देगा.!!

_ आप जब ध्यान करते हो तो पाओगे कि _आप उस आनंद से परिचित हो गए ;
_जिसमें पीड़ा भी पीड़ा नहीं लगती..
_ “जीवन पवित्र है” _ ध्यान और पूर्ण विश्राम की स्थिति में प्रकृति अपने सभी रूपों में खुद को प्रकट करती है.
_ क्योंकि इतने सारे लोग पृथ्वी पर आते हैं और ध्यान के आनंद के बिना पृथ्वी को छोड़ देते हैं,
_ हमारे सच्चे अस्तित्व का आनंद, _ इसलिए कहते हैं धन्यवाद, जो आपको मिला है.
आपके घर परिवार में जब तक कोई ध्यानी व्यक्ति रहता है, तब तक आपके घर में कोई नुकसान नहीं कर सकता..* तब तक आप के घर में आनंद ही आनंद रहता है.

_ और हां, आप जो कमाई खाते हैं वह पता नहीं इसी के पुण्य के द्वारा मिल रही हो..
“– ध्यानी व्यक्ति तो आपकी गलतियों को माफ कर देता है, लेकिन उसकी ऊर्जा कभी माफ नहीं करती,
_इसलिए कोशिश करें गलती से भी ध्यानी व्यक्ति को आप की ओर से पीड़ा न पहुंचे -“

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