सुविचार 4916
बीते हुए समय को याद न करना और भविष्य की ज्यादा फ़िक्र न करना
और वर्तमान मैं तटस्थ रहना जीवन की श्रेष्ठ कला है !!!
और वर्तमान मैं तटस्थ रहना जीवन की श्रेष्ठ कला है !!!
बल्कि ज्यादातर चिंता, निराशा, भय और असंतोष के कारण होती है.
लेकिन जब कोई अपनों से धोखा खाता है तो मौन हो जाता है.
उसकी गलतियाँ पकड़ते हैं.