सुविचार 4876
बस जायके में थोड़ा कड़वा है वर्ना सच का कोई जवाब नहीं.
और उस की चिंता को ताक पर रख देना चाहिए.
और शिकायत में मिलता कुछ नहीं, खोता बहुत है;
इसलिए अधिक न सोचें…केवल संघर्ष पथ पर चलते रहें..मुकाम नजदीक है..!!!
निष्ठा, सहानुभूति, सम्मान..ये ऐसे भाव हैं जो परायों को भी अपना बनाते हैं.
यह जानते हुए भी कि यहाँ कुछ स्थिर नहीं है.