सुविचार 4200

जीवन मे अन्याय और झूठ का सहारा लेकर जीवन यापन करना बहुत ही बड़ा अपराध है.
इस दुनिया में नरक कोई दूसरी जगह नहीं है,

_ नरक वो है.. जहाँ इंसान अपने अपराधों के साथ बिना अपराधबोध के जीना सीख ले.

किसी और की छाया में खड़े होकर खुद को ‘बड़ा’ समझना आसान है,

_ पर असली मजा तो तब है.. जब छोटी सी छाया भी खुद की हो.!!

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