सुविचार 4540

हौसला और उम्मीद मरने मत दीजिएगा,

_ क्योंकि जीवन कभी भी और कहीं से भी शुरू हो सकता है.!!

हौसला मेरी प्रशंसा से नहीं, निंदा से और बढ़ता है ;

_ क्योंकि हर वार और भी मज़बूत और अडिग बनाता है.!!

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