मस्त विचार 1395

न जाने कितनी थकानों के बाद निकले हैं, ये रास्ते जो ढलानों के बाद निकले हैं.
हर ढलान गिरावट नहीं होती, एक नई ज़मीन की तलाश होती है.

_ कोई भी कमज़ोर क्षण वस्तुतः कमज़ोर नहीं होता, वह हमें एक मज़बूती की ओर ले जाता है.
_ पानी हमेशा नीचे की ओर बहता है, लेकिन मिलता है जाकर एक विशाल समुद्र में.!!
– Manika Mohini

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