सुविचार 1870

ग़लतफ़हमी ……

किसी भी तरह की ग़लतफ़हमी दिल में न पालें, इसके आधार पर कोई भी सम्बन्ध न तोड़ें, जब भी किसी बात पर शंका हो, बातचीत के जरिये उसे सुलझाने का प्रयास करें, याद रखें ज्यादात्तर गलतफहमी हमारे शंकालु दिमाग या परिस्थितियों की उपज होती है !!!

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