सुविचार 4181
दूसरों को देखकर उनके रास्ते पर मत चलो,
_ खुद ऐसे रास्ते चुनो कि लोग आपके पीछे चले.
_ खुद ऐसे रास्ते चुनो कि लोग आपके पीछे चले.
_ तभी हम उसका आनन्द मना पायेंगे.
_ शेष है जितनी “जी लीजिए” ये वापिस फ़िर न आएगी !!
_ ताकि आपके जीवन में उच्चतम चीज़ों का बहाव चलता रहे..
_ बनाना है तो खुद को शांत सरोवर की तरह बनाओ,
_ जिसमें अगर कोई अंगारा भी फेंके तो वो भी बुझ जाए.