आतंरिक स्पष्टता और स्थिरता पाने के लिए अपने विचारों का नियमन करें.
सुविचार 4176
खुद को माचिस की तिली की तरह मत बनाओ, जो थोड़े से घर्षण से सुलग जाती है,
_ बनाना है तो खुद को शांत सरोवर की तरह बनाओ,
_ जिसमें अगर कोई अंगारा भी फेंके तो वो भी बुझ जाए.
सुविचार 4175
जिंदगी में चुनौतियां हर किसी के हिस्से में नही आती,
_ क्योंकि किस्मत भी किस्मत वालों को ही आजमाती है.
ये सच है कि कई बार तमाम योग्यताओं के बावजूद आदमी मंजिल तक नहीं पहुंच पाता है, और इसी को किस्मत कहते हैं.
सुविचार 4174
जिस समय हम किसी का अपमान करते है,
_ उसी समय हम अपना सम्मान भी खो देते हैं.
आप को यह पता होना चाहिए कि लोग केवल प्यार और सम्मान चाहते हैं.
_ आप जब उन्हें यह देंगे, तो वे भी आपके प्रति सम्मान और प्रेम रखेंगे.
सम्मान का भाव उन्हीं के प्रति रखिए जो आपके मन की भावनाओं को समझते हैं,
_ जो आपकी बातों को सिर्फ सुनते नहीं.. बल्कि उनके पीछे छिपे भाव को महसूस करते हैं.
_ जहाँ आपको बार-बार खुद को साबित न करना पड़े, जहाँ आपकी चुप्पी भी असम्मान न बने.!!
सुविचार 4173
अच्छा काम करते रहो चाहे कोई सम्मान करे या न करे
_ क्योंकि सूर्योदय तब भी होता है जब करोड़ों लोग सोए रहते हैं.
सुविचार 4172
खुद को काटकर भी रख देंगे तो भी ये दुनिया आपसे खुश नही होगी,
_ इसलिए वह करो जो मन चाहे _ वह नही जो दुनिया चाहे,
_ क्योंकि दुनिया की पसंद को बदलते वक्त नही लगता..
जो लोग आपको पसंद नहीं करते, उनके बारे में अजीब बात यह है कि वे आपकी हर चीज़ पर नज़र रखते हैं.
अपनी पसंदीदा हर चीज़ अपने पास रखें,
_ क्योंकि लोग वह चीज़ आपसे छिनने की कोशिश कर रहे हैं ..जो उनके पास नहीं है.
अब हम पसंद करें या ना करें, _ हमें एक दूसरे को छोड़ना ही होगा;
_ आपकी खुशी के लिए या अपने सुकून के लिए,,, कौन जानता है.!!
दुनिया एक सचमुच अजीब जगह है..
_ जहां हमें जीवन जीने के लिए दो सबसे खराब चीजों के बीच चयन करना पड़ता है..!!





