सुविचार 4151

अहंकार एक ब्लैक होल की तरह होता है, जो हमारी चेतना पर अत्यधिक गुरुत्वीय खिंचाव डालता है, यह उसे विकसित नहीं होने देता.
“अपने अहंकार को मार डालो”

_ हर उस चीज़ को मार डालो जो आपकी असीमितता को साकार करने में बाधक है.

“Kill your ego”

Kill everything that is a hindrance in realising your unlimitedness.

सुविचार 4150

जो चला गया उसे भूल जाओ, जो रह गया उसे संभालो,

_और जो आ रहा है; उसका स्वागत करो.

जिंदगी ऐसे जियो कि..

_ “आने वाले का भी स्वागत है.. और जाने वाले का भी स्वागत है”

पाना और खोना तो आसान है परन्तु उसको संभाल कर रखना कठिन है.!!

सुविचार 4149

अपने जीवन का सामना करते हुए हम जिस तरह आगे बढ़ते हैं,

_अपना भाग्य भी उसी तरह बनाते जाते हैं.

सुविचार 4148

बहस में ज्ञानी और सच्चे लोग अक्सर मौन हो जाते हैं,

_ अज्ञानी और झूठे लोग खुद को सही साबित करने के लिए जरुरत से ज्यादा दलीलें पेश करते हैं.

दो इंसान कभी एक जैसा सोच नहीं सकते..- इसलिए सारी बहसें अर्थहीन हैं.!!
वो अपने झूठे मद में चूर है, दिमाग ठिकाने आएगा तब तक वक़्त आगे बढ़ चूका होगा !!

सुविचार 4147

सिवाय हमारे विचारों के हमें कोई और नहीं बांधता.

_ सिवाय हमारे डर के हमें कोई और नहीं रोकता, सब कुछ हमारे अंदर ही है..

सुविचार 4146

इस बात को कम महत्व दें कि दूसरे लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं:

_ दूसरे लोग आपके नियंत्रण से बाहर होते हैं..

error: Content is protected