सुविचार 4109
“जानकारी” किसी भी “उम्र” में आ सकती हैं ,
_मगर “अनुभव”…आज भी “उम्र” का “इंतज़ार” करता है..
_मगर “अनुभव”…आज भी “उम्र” का “इंतज़ार” करता है..
_जो आपका शुभ होता हुआ देख कर चिंतित हो जाते हैं.
उस “तस्वीर” में शामिल रहे किरदारों के भी “रंग” फीके पड़ जाते हैं !
_आदमी होता कुछ और है दिखता कुछ और है..!!
या ख़ुद के भविष्य बनाने में….मर्जी आपकी है..