सुविचार – 4112
हजार मील का सफर भी, एक कदम से ही आरम्भ होता है.!!
_क्योंकि आप हालात बदलने का दम रखते हैं.
_लोग “कटी” “पतंग” को जमकर “लूटा” करते हैं,..।।
_उतने ही दूसरों की आंखों में खटकते जाते हैं..!!
_मगर “अनुभव”…आज भी “उम्र” का “इंतज़ार” करता है..
_जो आपका शुभ होता हुआ देख कर चिंतित हो जाते हैं.
उस “तस्वीर” में शामिल रहे किरदारों के भी “रंग” फीके पड़ जाते हैं !
_आदमी होता कुछ और है दिखता कुछ और है..!!