सुविचार 4083

नियति का पहला सिद्धांत है कि हम इसे केवल वर्तमान में ही बदल सकते हैं.
हंसने वालों की “हंसी उड़ते” हम देख चुके हैं, इसलिए किसी पर हंसना नहीं चाहिए.

_हम अपने कर्म का सिद्धांत क्यों बिगाड़ रहे हैं ?

सुविचार 4082

उन लोगों से कैसे बचें जो सब कुछ जानने के बाद भी…

_जो सब कुछ देखकर भी सही को सही नहीं कह पाते हैं ?
— हमारे बीच तमाम लोग होते हैं _जो दूसरों का नुकसान होता रहता है..
_और वो तमाशबीन बने रहते हैं.
_किसी के साथ कुछ भी हो जाए, कितना भी बुरा हो जाए..
_उनको कोई मतलब नहीं..
_दूसरों का नुकसान या बुरा होने के बाद ही _उनका ज्ञान जाग्रत होता है..
_तब वो अपना ज्ञान देते हैं..!!
घमण्डी लोगों से दूर ही रहें, नहीं तो ये लोग आपको हीनता का बोध कराते रहेंगे..

_ और आपको हरदम नीचा दिखाते रहेंगे ;
_ ऐसे लोग अपने अहं के लिए घंटो लड़ सकते हैं, उन्हें इस बात से कोई सरोकार नहीं होता कि आप क्या कह रहे हैं ;
_उनकी नजर में सिर्फ वे ही सही होते हैं,
_ वे किसी भी सूरत में अपनी गलती मानने को कभी तैयार नहीं होते,
_जो इनकी हाँ में हाँ मिलाता है, वही इनको अच्छा लगता है.!!
उसके हालात पर भी गौर करें, _जो पूछता है कि “आप कैसे हैं “
यदि नीच व्यक्ति से थोड़ी भी नाराज़गी हो जाए तो, वो या तो आपके भेद सबको बताना शुरू करेगा या आपके दुश्मन के साथ खड़ा हो जाएगा !!
मेरे लिए ज़्यादा मायने रखता है कि आप इंसान कैसे हैं.

_ आदमी नीचा हो जाए तो समस्या है, बाक़ी पसंद अपनी-अपनी.!!

दुनिया बहुत बदल गई है,

_ यदि आप किसी से नाराज़ होंगे तो लोग आप को छोड़ना पसंद करेंगे, मनाना नहीं !!

सुविचार 4081

सोच में और समक्ष में वही फर्क है,

_जो हकीकत और ख़्वाब के बीच होता है..!!

सुविचार 4080

खुद की जानी और अनुभूत सच्चाई ही, पुख्ता और खरी होती है,

_ दूसरे द्वारा प्रमाणित सच्चाई में, खोट का खतरा खड़ा रहता है “

हर इंसान के लिए कोई मायने नहीं रखता कि आप कितने अच्छे हो,

_ क्योंकि वह आपकी अच्छाई में भी खोट निकाल ही देगा.

लोगों द्वारा आपको नापसंद करना, आपकी कमी ही नहीं दर्शाता है..

_ बल्कि कभी-कभी आपकी अच्छाई भी वजह बन जाती है इस नापसंदगी की..!!

अच्छाई करने की हमनें एक ही बुराई पाई कि आप किसी का भला करें तो आप ज़िंदगी भर करते रहें..

_ क्योंकि हज़ार बार भी भला किया और एक बार न कर पाये तो..
_ लोग हज़ार बार का भूल एक बार न करने की गालियाँ देने ज़रूर आ जाएँगे ..!!
_इसलिए न काहू से दोस्ती न काहू से बैर..
_ अपना काम करते रहो..
_ उन्हें अपना काम करने दो.
_ क्योंकि जिसको जो करना है वो वही करेगा..

सुविचार 4079

आदमी जो होता नहीं है, _उसे दिखाने का प्रयास ही, असहज़ता है.
आदमी वही नहीं होता, जो वो दिखलाता है, बताता है.

_ आदमी वो होता है, जो नहीं दिखलाता, नहीं बताता.

बिना अपना पता जाने ..लोगों का पता ढूंढने निकले मुसाफिर ..कभी मंजिल तक नहीं पहुंच पाते..

_ फिर यात्रा निरर्थक और बेमंजिल रह जाती है.

सुविचार 4078

अपनी नजर हमेशा उस चीज पर रखो _जिसे आप पाना चाहते हो,

उस पर नहीं ; जिसे आप खो चुके हो..

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