सुविचार 3997
अतीत पर मनन न करें बल्कि खुद को वर्तमान में ठीक रखने का प्रयास करें,
जिससे भविष्य अतीत से बेहतर हो सके.
हम अतीत की खुशबू और भविष्य की मायावी चमक के नीचे वर्तमान का अनुभव करते हैं.!!
जिससे भविष्य अतीत से बेहतर हो सके.
_इसे यूँ समझें कि अपनी इज्जत आपको खुद ही अर्जित करनी पड़ती है.
_ स्वाभाविक रूप से मन में गलत कर्मों का अपराधबोध भी बना रहता है.
_ जो हो गया उसे मिटाया तो नहीं जा सकता लेकिन इंसान को हर दिन अपराध बोध की आग में जलने को मजबूर होना पड़ता है.