सुविचार 3999

एक दीप को हम केवल अपने लिए जला सकते हैं, _ लेकिन उसकी रोशनी से नहीं कह सकते कि ” तुझे केवल मेरे लिए जलना होगा “

सुविचार 3998

अन्तर्मन को साफ करके देखें, बाहर सब- कुछ साफ दिखाई देगा.

_अन्तर्मन को सुन्दर बनाकर देखें, बाहर सब- कुछ सुन्दर दिखाई देगा.

सुविचार 3997

अतीत पर मनन न करें बल्कि खुद को वर्तमान में ठीक रखने का प्रयास करें,

जिससे भविष्य अतीत से बेहतर हो सके.

हम अतीत की खुशबू और भविष्य की मायावी चमक के नीचे वर्तमान का अनुभव करते हैं.!!

सुविचार 3995

किसी व्यक्ति के कार्य से यदि आपको घृणा है तो आपको अधिकार है कि उसे ठीक करें, _ लेकिन उस व्यक्ति से घृणा न करें. व्यक्ति और उसके कार्य दो अलग- अलग चीजें हैं.

सुविचार 3994

यदि मन में समभाव की स्थिति आ जाए तो फिर परिस्थितियों और वातावरण का उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता और भीतर भी कोई खलबली नहीं होती.
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