सुविचार 3932

जो अपनी बात को बढ़ाचढ़ा कर कहते हैं वे अपने आप को छोटा बनाते हैं.

कभी किसी को छोटा न समझें,

_ एक चम्मच दही पूरे बर्तन के दूध को जमा सकता है..!!

सुविचार 3931

लोगों की बातों से परेशान मत होइए, लोग तो कुछ भी बोल कर निकल जाते हैं ;

_जब हालात बदलते हैं तो लोगों के बोल बदल जाते हैं.

सुविचार 3930

क्रोध को बाहर न प्रकट करें,

बल्कि स्वयं में परिवर्तन लाने के लिए अपनी ओर मोड़ दें.

सुविचार 3928

नेक दिल, उदार भावनाएँ और संतुलित मन हमारे चरित्र की बुनियाद होते हैं.
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