सुविचार 4853

जीवन फ्री फ्लो में बहे,

जिस तरह इंसान साँस छोड़ने में आनाकानी नहीं करता क्योंकि वह जानता है, एक साँस छोड़ने के बाद अगली साँस खुद-ब-खुद आएगी.

उसी तरह जीवन में भी चीज़ों को फ्री फ्लों में आने-जाने दें, उनसे चिपकाव न रखें.

सुविचार 4851

जब कीमत चुकानी पड़ती है,

तब हर छोटी छोटी चीज भी कीमती लगने लगती है.

सुविचार 4850

कुछ बातें महसूस तो होती हैं मगर उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.

सुविचार 4849

मनुष्य में जितनी विवेक शक्ति होगी, उतनी ही उसकी आत्मा निर्मल होगी.
अगर आपको सच में जीना है तो अपने विवेक को जिंदा रखिए.

_ हर फैसले से पहले खुद से पूछिए कि जो मैं कर रहा हूं, क्या वो सही है.

_ अगर जवाब हां में आए तो फिर किसी से डरने की जरूरत नहीं है, और अगर जवाब ना में आए तो फिर दुनिया की कोई ताकत आपको सही साबित नहीं कर सकती.!!

सुविचार 4848

‘आत्मविश्वास इस बात से नहीं आता कि आपके पास हर सवाल का जवाब है,

_ बल्कि इस बात से आता है कि ” आप हर सवाल का सामना करने के लिए तैयार हैं “.

कुछ लोग सवाल इसलिए पूछते हैं कि जवाब मिल जाए,
_ और कुछ इसलिए कि जीवन को थोड़ा और गहराई से समझ सकें.!!
“सवालों से दूर नहीं गया हूँ, बस अब उन्हें दुनिया से नहीं, खुद से पूछता हूँ ;

_ और यहीं कहीं सत्य मिलता है, कभी सिर्फ सुकून ;

_ हर सवाल का जवाब बाहर नहीं मिलता- ये सही है,

लेकिन हर सवाल का जवाब खुद बना लेना भी सही नहीं है ;

_ क्लैरिटी [Clarity] का मतलब सवाल ख़त्म होना नहीं, बल्कि सवालों का सही जगह पर ठहर जाना है.!!

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