सुविचार 4853
जिस तरह इंसान साँस छोड़ने में आनाकानी नहीं करता क्योंकि वह जानता है, एक साँस छोड़ने के बाद अगली साँस खुद-ब-खुद आएगी.
उसी तरह जीवन में भी चीज़ों को फ्री फ्लों में आने-जाने दें, उनसे चिपकाव न रखें.
जिस तरह इंसान साँस छोड़ने में आनाकानी नहीं करता क्योंकि वह जानता है, एक साँस छोड़ने के बाद अगली साँस खुद-ब-खुद आएगी.
उसी तरह जीवन में भी चीज़ों को फ्री फ्लों में आने-जाने दें, उनसे चिपकाव न रखें.
तब हर छोटी छोटी चीज भी कीमती लगने लगती है.
_ हर फैसले से पहले खुद से पूछिए कि जो मैं कर रहा हूं, क्या वो सही है.
_ अगर जवाब हां में आए तो फिर किसी से डरने की जरूरत नहीं है, और अगर जवाब ना में आए तो फिर दुनिया की कोई ताकत आपको सही साबित नहीं कर सकती.!!
_ बल्कि इस बात से आता है कि ” आप हर सवाल का सामना करने के लिए तैयार हैं “.
_ और यहीं कहीं सत्य मिलता है, कभी सिर्फ सुकून ;
_ हर सवाल का जवाब बाहर नहीं मिलता- ये सही है,
लेकिन हर सवाल का जवाब खुद बना लेना भी सही नहीं है ;
_ क्लैरिटी [Clarity] का मतलब सवाल ख़त्म होना नहीं, बल्कि सवालों का सही जगह पर ठहर जाना है.!!