सुविचार 3878
सहजता ही सबसे बड़ी सभ्यता है.
जो शिष्ट नहीं है, वह कभी विशिष्ट नहीं बन सकता.
जो शिष्ट नहीं है, वह कभी विशिष्ट नहीं बन सकता.
अंततः दोनों ही पछतावे का कारण बनते हैं.
और उन निर्णयों के परिणाम के लिए किसी दूसरे को दोष नहीं देता..!
न हों तो करो माफ़…वाली policy चलती है.. __आपकी भावनाओं की कोई कद्र नहीं..
और दुःख में वो आपको ना छोड़े.
वो किसी और को खुश करने में व्यस्त होते हैं.
_ लेकिन जब कोई अपनों से धोखा खाता है तो मौन हो जाता है.