सुविचार 3873
जब कोई दूसरों से धोखा खाता है तो वो उनसे लड़ पड़ता है,
_ लेकिन जब कोई अपनों से धोखा खाता है तो मौन हो जाता है.
_ लेकिन जब कोई अपनों से धोखा खाता है तो मौन हो जाता है.
दुनिया में जिनके हुनर बोलते हैं.
जब उसे दूसरों के “दुःख” में “हंसी” आने लगती है !!
..वहाँ केवल समर्पण होता है…!!!