सुविचार 3873

जब कोई दूसरों से धोखा खाता है तो वो उनसे लड़ पड़ता है,

_ लेकिन जब कोई अपनों से धोखा खाता है तो मौन हो जाता है.

सुविचार 3871

परेशानी में जो अनुभव और सिख मिलती है, _ वो सीख दुनिया का कोई स्कूल नही दे सकता है.

सुविचार 3870

“मनुष्य” की “मानवता” उसी समय नष्ट हो जाती है !

जब उसे दूसरों के “दुःख” में “हंसी” आने लगती है !!

सुविचार 3868

जहाँ प्रेम होता है…वहाँ किसी चीज़ की चाह या उम्मीद नहीं होती.

..वहाँ केवल समर्पण होता है…!!!

आप जिस किसी के भी प्रति समर्पण करते हैं, आप उनकी ऊर्जा को अपने भीतर प्रवाहित होते हुए महसूस कर सकते हैं.!
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