सुविचार 3750

जब तक आप नहीं बोलते ! तब तक शब्द आपके नियंत्रण में होते हैं !

लेकिन ! जैसे ही आप बोलते हो ! आप शब्दों के नियंत्रण में आ जाते हो !

इसलिए ! सोच के बोलो ! बोल के मत सोचो !

सुविचार 3749

जब तक आपको निर्णय लेना अति आवश्यक न हो ना लें ;

_ कभी कभी कुछ न करना ही सबसे सही काम करना होता है…!!

सुविचार 3748

जो जैसा करेगा वो वैसा ही भेरेगा, छल कपट से कोई सुखी नही रह सकता,

_ वह सुख क्षणभंगुर होता है जो छल से कमाया हुआ हो..

अपनों के साथ किया गया छल, अपने ही अंत का आरंभ है..!!
पाप आप करो और धोये गंगा, किसे बेवकूफ बना रहे हो ?

खुद को ? गंगा को ? दुनिया को ?

कर्मों का फल सीधा-सा है, छल का फल छल, आज नहीं तो कल..!!

सुविचार 3747

जिंदगी में कोई साथ दे या ना दे, खुद ही आगे बढ़ते रहो ;

क्योंकि खुद से बड़ा कोई हमसफर नहीं होता.

सुविचार 3746

लोग आपको देखे, इस इरादे से उंचाई पर ना जाओ,

परंतु, आप पुरे संसार को देख सको, इस ख्वाहिश से शिखर पर पहुंचो.

सुविचार 3745

जो अपना रहस्य, और दूसरों का रहस्य अपने सीने में दफन कर लेता है,

ऐसे मनुष्य को फिर किसी के सामने झुकने की नोबत नहीं आती !!

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