सुविचार 3665

जहां हम नहीं होते है…. वहाँ हमारे गुण व अवगुण हमारा प्रतिनिधित्व करते हैं.

किसी में भी यदि कोई गुण हैं तो उसकी सराहना करने में कृपणता क्यों ?
जिस व्यक्ति में स्वयं में कोई भी गुण न हो,

_ वह दूसरों पर दोषारोपण जरूर करता है..!!

सुविचार 3664

धैर्यवान व्यक्ति चाहे कितनी ही विपत्तियां आए _फिर भी अधीर नहीं बनता ;

_ व्याकुल मन हाथ में आए हुए अवसर को जल्दबाजी में टाल देता है.

सुविचार 3662

अकेलेपन से सीखी है पर बात सच्ची है ;

_ दिखावे की नजदीकियों से तो हक़ीक़त की दूरियां ही अच्छी हैं.

सुविचार 3661

एक सच्चा अच्छा इंसान अपनी अच्छाई पर ध्यान नहीं देता ; इस प्रकार वह अच्छा हो सकता है.

_ झूठी अच्छाई का व्यक्ति अपनी अच्छाई को कभी नहीं भूलता ; इस प्रकार उसकी अच्छाई हमेशा झूठी होती है.

सुविचार 3660

जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए, मेरे साथ क्या हो रहा है,

_ सोचने के बजाय, मैं क्या कर रहा हूँ, सोचना शुरू कर दीजिए..

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